Saraswarti Puja Kab Hai? Saraswati Puja Kaise Kare

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बसंत पंचमी (Saraswati Puja) एक हिंदू पर्व है इसे हर वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार हिंदू रीति-रिवाज से माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बड़े हर्ष-उल्लास से मनाया जाता है।

इस दिन मां सरस्वती का खास पूजा किया जाता हैं। कहा जाता है कि इस तिथि को मां सरस्वती का जन्म हुआ था।

इस अवसर पर विद्यार्थी कवि,गायक, लेखक, वादक और साहित्य व कला क्षेत्र से जुड़े सभी लोग मां सरस्वती की पूजा वंदना व आरती करके उन्हें प्रसन्न करते हैं। क्योंकि जो व्यक्ति अगर मां सरस्वती की सच्चे मन से पूजा अर्चना करके उन्हें प्रसन्न करता है तो वह उन्हें शैक्षिक जीवन और कैरियर में आने वाली संकट को दूर करने की शक्ति प्रदान करती हैं।

मां सरस्वती को विद्या और बुद्धि की देवी कहा जाता है। इस दिन को पीला कपड़ा पहनना बहुत शुभ माना जाता है।

आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि Saraswati Puja kab hai Saraswati puja kaise kare जिससे आपको इस पर्व की पूरी जानकारी प्राप्त हो सकें।

Saraswarti Puja Kab Hai? Saraswati Puja Kaise Kare

Saraswati Puja Kaise Kare

सर्वप्रथम पूजा के लिए एक चौकी लगाई जाती है। उस पर पीला कपड़ा बिछा कर मां सरस्वती की प्रतिमा (मूर्ति) स्थापित की जाती है।

इसके बाद मां को फूल, माला, अक्षत, चंदन, चढ़ाया जाता है। इसके अलावा मां सरस्वती क्यों सिंदूर चढ़ाया जाता है मां सरस्वती के सिंगार की अन्य वस्तुएँ भी अर्पित की जाती है।

कलशा भी स्थापित की जाती है।  मां के चरणों में गुलाल (अबीर) लगाया जाता है। इसमें तरह-तरह की मिठाई,फल, बुंदिया प्रसाद के रूप में मां सरस्वती को भोग लगाया जाता है।

पूजा के बाद मां सरस्वती की आरती भी की जाती है पूजा के बाद प्रसाद वितरण होता है।इसी प्रकार से मां सरस्वती की पूजा- वंदना की जाती है।

 मां सरस्वती विद्या और बुद्धि की देवी होती हैं।  इसी कारण से यह पूजा विद्यार्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इस कारण वसंत पंचमी के दिन सभी स्कूल कॉलेज में मां सरस्वती की पूजा वंदना की जाती है। 

सरस्वती पूजा की तिथि 

इस साल सरस्वती पूजा का शुभ दिन 29.01.2020 (बुधवार) को है। 

बसंत पंचमी – 29.01.2020 (बुधवार)

पूजा मुहूर्त – 10:45 से 12:45 बजे तक

पंचमी तिथि का आरंभ – 10:45 बजे से (29.01.2020)

पंचमी तिथि का समाप्त -13:18 बजे तक( 30.01.2020)

सरस्वती पूजा क्यों मनाते हैं?

ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति सच्चे मन से मां सरस्वती की पूजा उपासना करता है तो वह उन्हें शैक्षणिक जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की शक्ति प्रदान करती है।

बसंत ऋतु के आगमन के उपलक्ष में बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा – आराधना की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि बसंत पंचमी के दिन ही ब्रह्मा जी के द्वारा मां सरस्वती की उत्पत्ति की गई थी।

पुराणों में बताया गया है कि जगत के रचयिता ब्रह्मा जी एक बार ब्रह्मांड का भ्रमण करने के लिए निकले थे तो उन्हें सारा ब्रह्मांड मूक नजर आया। चारो तरफ अजीब सी खामोशी थी। यह देखकर उन्हें सृष्टि की रचना में कुछ कमी महसूस हुई।

तब ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से थोड़ा सा जल लेकर छिड़का तो एक महान ज्योतिपुंज में से एक देवी प्रकट हुई यही देवी मां सरस्वती कहलायी।

मां सरस्वती के हाथों में वीणा, चेहरों पर अद्भुत तेज था। अतः ब्रह्मा जी के द्वारा इसी दिन को मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। इसीलिए इस दिन को बसंत पंचमी के रूप में मां सरस्वती की पूजा की जाती है।

इसके अलावा सरस्वती पूजन के लिए एक और कारण प्रचलित है। पुराणों में वर्णित एक कथा के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने सरस्वती माता से खुश होकर उन्हें वरदान दिया था कि माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि ( वसंत पंचमी ) के दिन  तुम्हारी आराधना की जाएगी।

मुख रूप से यह त्यौहार विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए काफी शुभ माना जाता है इस दिन को बच्चे की पढ़ाई लिखाई की शुरुआत की जाती है यानी बच्चों को पहला अक्षर पढ़ना – लिखना सिखाया जाता है। मां सरस्वती विद्या और बुद्धि देवी हैं। इसीलिए विद्यार्थी इस त्यौहार को बहूत धूम-धाम से मनाते हैं।

पिले रंग का ख़ास महत्त्व 

बसंत पंचमी के दिन पीले रंगो का ख़ास महत्व होता है. बसंत ऋतू के समय सरसो के पिले फूल की वजह से धरती पिली दिखती है. इन्ही करने से लोग पिले कपड़े पहनकर बसंत पचमी का सवागत करते है.

बसंत ऋतू के समय सरसो के पिले फूल की वजह से धरती पिली दिखती है. इन्ही करने से लोग पिले कपड़े पहनकर बसंत पचमी का सवागत करते है. बसंत पंचमी के दिन पिले कपड़े ही नहीं बल्कि खाने में पिले रंग की चीजे बनायीं जाती है.

मां सरस्वती का मंत्र

मां सरस्वती की पूजा पाठ के साथ साथ मां सरस्वती का मंत्र उच्चारण करने से मां सरस्वती बहुत प्रसन्न होती है। या मंत्र उच्चारण करने से विद्यार्थी के बुद्धि में असीमित वृद्धि होती है।

देवी सरस्वती का मूल मंत्र निम्न है: ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः।

संपूर्ण सरस्वती मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः।

सरस्वती मां की आरती

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।

सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

॥ जय सरस्वती माता..॥

चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी।

सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥

॥ जय सरस्वती माता..॥

बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला।

शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला॥

॥ जय सरस्वती माता..॥

देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।

पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥

॥ जय सरस्वती माता..॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो।

मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो॥

॥ जय सरस्वती माता..॥

धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो।

ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो॥

॥ जय सरस्वती माता..॥

माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।

हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे॥

॥ जय सरस्वती माता..॥

जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।

सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

जय सरस्वती….

बसंत पंचमी in हिंदी 

बसंत पंचमी या वसंत पंचमी वसंत ऋतु की शुरुआत होती है – बसंत का अर्थ है वसंत ऋतु और पंचमी का अर्थ है “पांचवा दिन”। इस दिन को सरस्वती पूजा के रूप में भी मनाया जाता है और ज्ञान और ज्ञान की देवी, सरस्वती की पूजा की जाती है।

इस वर्ष बसंत पंचमी 29 जनवरी को मनाई जाएगी। वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा बंगाल, ओडिशा और उत्तर भारतीय राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश में अधिक लोकप्रिय है। वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा एक ही दिन की जाती है।

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बसंत पंचमी का महत्व

भारतीय पंचांग में छह ऋतुएं हैं. इन सभी में से बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है. बसंत फूलों के खिलने और नई फसल के आने का समय होता है.

ठंड के बाद प्रकृति की घटा देखते ही बनती है. इस समय खेतों में सरसों की फसल फूलों के साथ, चारों तरफ हरियाली और साथ में ठंड मौसम को और भी खुशनुमा बना देती है.

सेहत की दृष्टि से भी देखा जाए तो यह मौसम बहुत ही अच्छा होता है. इंसान के साथ पशु-पक्षियों में भी नई चेतना का संचार होता है.

हिंदू धर्म के मान्यताओं के मुताबिक देखा जाए तो इस दिन ही देवी माँ सरस्वती का जन्म हुआ था. यही कारण है कि यह त्योहार हिंदुओं के लिए बहुत खास है.

विद्यार्थी को सरस्वती पूजा करने के लाभ

विद्यार्थी के जीवन में सरस्वती पूजा का बहुत ज्यादा महत्व होता है चलिए अब आपको बताते है की विद्यार्थी को सरस्वती पूजा करने के क्या फायदे होते है कैसे उनके लिए यह पूजा लाभकारी होता है.

  • ज्ञान और बौद्धिकता की शक्ति से धन्य होते है.
  • भक्त का सोचने का स्तर ऊपर उठ जाता है।
  • कला के प्रति समर्पित लोगों में सरस्वती का बहुत सम्मान किया जाता है, चाहे वह पेंटिंग, लेखन, नृत्य, गायन या संगीत वाद्य यंत्र हो।
  • भगवान सरस्वती की पूजा करने से आपके कौशल में वृद्धि होती है। आप अधिक प्रतिभाशाली, अनुभवी और कुशल बन जाते हैं।
  • देवी सरस्वती पवित्रता और शांति की निशानी हैं। सरस्वती पूजा करते समय आप मन की शांति से अभिभूत हो जाते हैं। वह संस्कृति, कला, सीखने और ज्ञान का प्रतीक है।

Saraswati Puja Wishes Quotes Greetings Message Shayari

आज के समय में हर कोई इंटरनेट से ज़ुरा हुआ है इंटरनेट का उपयोग करता है ऐसे में पूजा का बधाई देना बहुत ही आसान है.आप भी चाहते होंगे की इस पूजा के मौके पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगो को सरस्वती पूजा SMS भेजे.

तो चलिए इसलिए हम आपके साथ शेयर कर रहे है सरस्वती पूजा wishes, SMS aur Shayari जिससे आप अपने चाहने वाले को फेसबुक व्हाट्सप्प पर भेजकर विश कर सकते है और खुशिया बात सकते है.

Saraswati Puja Wishes

भगवान की दिव्य कृपा आपके साथ हो

देवी सरस्वती आशा और शांति की ज्योति हैं

देवी सरस्वती आपको ज्ञान और बुद्धि का आशीर्वाद दें।

हलके हलके से हो बदल

खुला खुला सा आकाश

हैप्पी बसंत पंचमी

Saraswati Puja Quotes

मैं आपको सरस्वती पूजा की शुभकामनाएं देता हूं

मैं आपके समृद्ध जीवन के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं

आपको जीवन के सभी आनंद मिल सकते हैं

आपके सभी सपने सच हों।

Saraswati Puja Shayari

भगवान की दिव्य कृपा आपके साथ हो

देवी सरस्वती आशा और शांति की ज्योति हैं

देवी सरस्वती आपको ज्ञान और बुद्धि का आशीर्वाद दें।

अंतिम शब्द: 

उम्मीद है की आप जान गए होंगे की Saraswati puja kab hai aur saraswati puja kaise manaye. अगर आप एक विद्यार्थी है तो आपको सरस्वती पूजा ज़रूर मानना चाहिए. आप सभी को सरस्वती पूजा की ढेर सारी शुभकामनाएं. 

जानकारी से ज़ुरा कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट कर जरूर बताये.अगर जानकारी आपको अच्छी लगी तो इससे और लोगो के साथ जरूर शेयर करे. आप इस बार सरस्वती पूजा कैसे मनाने की सोच रहे है हमे कमेंट में जरूर लिखे.

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Verman Babu
वर्मन बाबू एक professional blogger है | ये Blogging, SEO, Affiliate Marketing, Make money online, Internet, BlogSpot, WordPress, Computer-related tips, How to guides, Email marketing, Social media, Tips, and tricks इत्यादि से रिलेटेड article लिखते है | नयी चीज़ के बारे में जानना सोचना और Blogging के द्वारा अपनी जानकारी सबके साथ शेयर करना इन्हें अच्छा लगता है |

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