एन्क्रिप्शन और डेक्रिप्शन क्या है

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एन्क्रिप्शन एंड डेक्रिप्शन किसी भी डाटा सिक्योरिटी में या फिर SSL सिक्योरिटी के लिए एक मुख्या प्रक्रिया के तौर पर उसे किया जाता है. आज के इस लेख में आप जानेंगे की एन्क्रिप्शन और डेक्रिप्शन क्या है और इसका उपयोग क्यों किया जाता है.

what is encryption and decryption in hindi

Contents

एन्क्रिप्शन क्या है (What Is Encryption)?

एन्क्रिप्शन एक प्रोसेस होता है जिसमें डाटा को रेडबले फॉर्म यानि की प्लेन टेक्स्ट के फॉर्म से एनकोड या एन्क्रिप्ट वर्शन में बदला जाता है .ये एनकोडेड या एन्क्रिप्टेड डेटा हर कोई नहीं पढ़ सकता है इससे सिर्फ वही व्यक्ति समझ सकता है जिसके पास इसका डेक्रिप्शन कीय होगा.

एन्क्रिप्टेड और एनकोडेड टेक्स्ट को सिफेरटेक्सट भी कहा जाता है. एनकोडेड रिजल्ट को हम सिफेरटेक्सट कहते है.

एन्क्रिप्शन के मुख्य प्रकार (Encryption Ke Main Types)

Asymmetric encryption or public key

इसमें जो एन्क्रिप्शन के जो बनाया जाता है वो पब्लिक के लिए होता है जिससे कोई भी व्यक्ति इनफार्मेशन को एनकोड (एन्क्रिप्ट) करने के लिए कर सकता है

Symmetric encryption or private key

इस टाइप के एन्क्रिप्शन में एन्क्रिप्शन और डेक्रिप्शन कीस एक ही होता है.  इसमें जिन पार्टीज के बीच कम्युनिकेशन होता है वहां पर दोनों के पास एक ही कीय रहता है जिससे वो सुरक्षित कम्युनिकेशन कर पाते है.

Encryption का Use क्या है?

एन्क्रिप्शन प्रोसेस का उसे डाटा या मैसेज या इनफार्मेशन को एनकोड (एन्क्रिप्ट) करने के लिए किया जाता है ताकि उसे सिर्फ ऑथॉरिज़ेड पर्सन ही उसे कर सके और ुनौतोरीज़ेड कभी नहीं कर पाए.  एन्क्रिप्शन का उसे कॉन्फिडेंटिअल डाटा को सिक्योर बनाने या फिर इंटरनेट के माध्यम से ट्रांसमिट हो रहे डाटा को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है.

डेक्रिप्शन क्या है (What Is Decryption)?

डेक्रिप्शन एक प्रोसेस है जिससे एनकोडेड या एन्क्रिप्टेड डेटा (इनफार्मेशन) को रेडबले वर्शन या प्लेन टेक्स्ट के रूप में बदला जाता है. यह एन्क्रिप्शन का प्रोसेस का विपरीत प्रोसेस होता है.

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